नेता जी की देखो !
क्या ग़ज़ब की बात !!
जीतने से पहले सेवक !
जीतते ही सरताज !!
नेता जी की देखो !
क्या ग़ज़ब की बात !!
याचक बनकर घर-घर जाँए !
भि� read more >>
जब मैं सारा दिन कार्य करके, थक जाता हूं तो, जब कार्यों में मिलने वाली निंदा से, मेरा मनोबल टूट जाता है, सारा दिन दुख और चिंता और थकान, के म� read more >>
मेरी रचना, तुम मुझे माफ कर देना, मैं तुम्हारा बहुत बड़ा अपराधी हूं,, हाय मैं कितना निर्दई हूं, कि मैंने अपनी पत्नी को, अपने घर से निकाल दि read more >>
जो मेरा लक्ष्य है, किसी कार्य का एक सेंटर प्वाइंट आता है, जिसे मुझे अपने मन में, बसाना, ही होगा,, हां मैं अपने कल्पनाओं में, अपने कार्य क� read more >>