चाँद चांदनी को चाहता है जिस कदर,
उस कदर चाहूँ मैं तुझे।
मेरी एक ख्वाईश है कि बस,
या तू मेरी बन जा या अपना बना ले तू मुझे।
मुझे अच्छी तरह � read more >>
अर्पण कर दे, जिस पर सब कुछ,
ऐसी वो शक्ति है, देने वाली तू ही दातार,
देती तू भक्ति है,
कृपा तेरी जिस पर हो मैया,
मोक्ष उसे मिल जाता है,
करुण� read more >>