मेरे प्रिय मित्र बबलू, तुम मुझे माफ कर देना,,, मैं तुमसे मुलाकात कर नहीं सका, लेकिन मैं तुम्हारे लिए,, एक पत्र लिख कर जा रहा हूं_ इस पत्र मे� read more >>
मैं बचपन से, इस बात को सुनता रहा हूं, (सती प्रथा) आखिर यह क्या चीज है, लोग सती प्रथा को, घृणा की दृष्टि से देखते हैं, होना भी स्वाभाविक है, क� read more >>
न मानी की, न ज्ञानी की, न ही भगतों की।
ये दुनिया है, नकटों की।
नकटों के नकटे दोस्त, नकटों की जमात बड़ी।
सारे नकटे एक से, नकटे से नकटे की नज़र � read more >>
देख तिरंगा बढ़े जुनून,देशहित में तर जाऊ
कफ़न ओढ़ मैं रहू हमेशा,देश के लिए मैं अड जाउ
हो संकल्प मेरे दिल मे, मैं अपने वतन पर मर जाउ
मैं लाख ग� read more >>