हर तमन्ना खाक हुई, आने की उम्मीद भी नही ।.
क्या गुनाह किया जो तकदीर भी मुझसे रूठी ॥
राह देख कर थक गई आंखे रात ढली शमा भी बुझ गई ' लौट आने क� read more >>
//...हाल -ए - दिल...//
ये दिल ,
किस हाल में है...
तुम कैसे ,
जान पाओगे ?
हाल ...
क्या है इसका ?
ये तो ,
मुझे भी खबर नहीं...!
चिन्ता नेताम " मन "
डो read more >>
यह मेरी रचना है, मुझे आप सबके साथ, शेयर करने में खुशी हो रही है, सबसे पहले मैं अपने पाठकों को, लाख-लाख धन्यवाद देता हूं,( हमारी महान संस्कृ� read more >>