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मैं किसी रोज़ हार जाता हूँ बैठ कर गीत गुनगुनाता हूँ।। कल मेरे पास उसका फ़ोन आया ये मैं बातें फ़क़त बनाता हूँ।। लोग कहते हैं चुप रहो बेटा read more >>
फूलों से सजा दरबार तेरा कन्हैया, चंदन की खुशबू से महका अंगना कन्हैया, गुब्बारों का मंडप सजा कन्हैया, माखन मिश्री का केक बना है कन्हैया read more >>
सही अंदाज़ में जीवन मुझे जीना सिखाती है भटक जाऊँ अगर राहें तो राहें भी दिखाती है कभी इज़हार ना करता किसी के सामने ग़म का मैं चुप रहता हूँ � read more >>
----: मोहब्बत का आशियाना :--------- ---------------------------------------------- तुम बिन प्रीतम आती , मुझे कहीं नींद नहीं रात को जागू दिन को जागू, जागू दिन और रात ------------------------- read more >>
मैं मिट्टी से बना चूल्हा खड़ा निस्तब्ध , कोना मिल गया घर में यहीं पर कर रहा अपनी गुज़र मैं धूल माटी के कणों से हूँ बना किसी ममतामयी माँ न� read more >>
कई रूप हैं_कई रंग हैं, फिर भी एक हैं खून के रंग। मुझ में तुम_तुझ में मैं, जीवन_जंग में, हम सब संग। चिंटू भैया read more >>
कुछ यूं की मुझे हैरत की, दुनिया ने परेशान ऐसा कर दिया, की ऐसी शानदार परेशानी उठाने को, मन बार_बार बेकरार सा हो जाता है। यूं राह चलते उस अ read more >>
अक्सर इस दुनिया में, दो अनजाने किसी न किसी, मोड़ पर मिल जाते हैं । फिर ऐसा कुछ अजीब हो जाता है, नींद खो जाती है_ चैन गायब हो जाती है। फिर � read more >>
इस देश मे रहने वालों को में आज यही बतलाऊँगा बदलेगा एक दिन हिन्द मेरा ये तुम सबको दिखलाऊँगा....2 इस देश की धरती सोना उगले आज वही बंजर दि� read more >>
कुछ टूट गया, कुछ फूट गया। माटी का ,खिलौना रूठ गया।। तन लूट रहा, मन मौन रहा। छाती से वजन, सा छूट गया।। न राम मिला ,न श्याम मिला । न जाने मैं read more >>
जिंदगी मुझसे मेरी होने की वजह पूछे यह सफर मुझसे मेरे मंजिल का रास्ता पूछे दिल के जख्म मेरे जख्मों के निशान पूछे जिंदगी मुझसे मेरे कई � read more >>
थोड़ा डूबूँगा थोड़ा टूटँगा लेकिन फिर लौट आऊँगा ए ज़िंदगी तू देख मैं फिर जीत जाऊँगा। एक ना एक दिन मंज़िल मिल जाएगी, ठोकरें ज़हर तो नही ज� read more >>
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