आज सुबह मैं अपने पापा के साथ बाज़ार से लौट कर आ रहा था कि तभी एक आदमी ने पास में आकर बाइक रोकी और पापा के पैरों पर गिर पड़ा-
-दद्दा राम राम।
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( अपने बचपन का अधिकांश भाग मैंने यह सोच कर निकाला कि भगवान ने मुझे बिना कुछ दिए ही भेज दिया । विद्यालय में सुनता था "तुम्हारे पास दिमा� read more >>
विद्यालय, वो स्थान जहाँ एक अबोध बालक जाता है , और तेजस्वी, बद्धिमान बन कर लौटता है। जीवन के मर्म को समझता है। लेकिन ये बातें गुरुकुल तक ह� read more >>
( ग़लती चाहे किसी की भी हो, लेकिन अधिकतर समाज के व्यंग्य बाण एक लड़की को ही झेलने पड़ते हैं। एक लड़की के हृदय की कुछ बातों पर प्रकाश डालने की � read more >>