जिस्म की भूख तुम्हारी आज किसी के तन से हैं
लेकिन प्यार किसी से...
और मन किसी के साथ होता है
आखों में हवस दिखती है अब तुम्हारे
अरे लेकिन प� read more >>
था उसे प्यार हमसे
ना रहा उसे, ऐतबार खुद पर
कसूर किसका है?
मझधार मे बह गया जिसका सब कुछ
बच गया वो दर किनार किसका है?
जो ना रहा अपने हक में
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