हजारों खेल खेले हैं । हमने
इस बालू रेत पर.........!!
वो खेल आज की उलझनों से
अच्छे थे ।
बड़े नहीं उस वक्त हम बच्चे थे ।।
वक्त की उड़ान
और क्या - � read more >>
तेरे बिन थिर रहे ना ये मन हे रामा,
वस में रहे ना ये दिल हे मोरे रामा,
तू घट-घट वासी जाने सो ज्ञानी हे रामा...
तू प्रकट जिस घट सोहीं पंडित ह� read more >>