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अपने हक का यह त्यौहार आया है, चारों ओर प्रचार-प्रसार का कोलाहूल छाया है, देश में विकास करने का हक तुमने भी पाया है, तुमने अपने मत से देश � read more >>
मैं भारत हूँ.. मैं जात पात से ऊपर, प्रेम की परिभाषा हूँ. भाषाओं का श्रृंगार, युवाओं की अभिलाषा हूँ. मैं भारत हूँ.. मैं नदियों - सागर की read more >>
मैं जिंदा हूँ तो जीने का सबूत मांगती है मिट्टी, हैं मुझसे मुहब्बत तो लिखनी होगी लहू से चिट्टी। लोग पूछेंगे देश की आजादी में मेरा हिस� read more >>
मुझे प्रेम हुआ.. तुम त्रेता की सीता हुई.. मैं कलियुग का राम हुआ.. तुम गंगा की बनारस हुई.. मैं अस्सी का घाट हुआ. तुम गीता की श्लोक हुई.. � read more >>
मेरा अधूरा प्यार... तुम्हारी स्नेह से बंधा मैं.. अब जांऊ कहाँ.. तुझ सा मीत मैं पांउ कहाँ तुम सा प्रीत अब लगे कहाँ.. सपनों के हर अंतिम र� read more >>
तुम किसी ज़मी की अप्सरा सी हो....! और एक आसमां का जुगुनू दीवाना सा हैं..!! read more >>
अगर तुम मुझें मिलों तों मैं रामायण हों जाऊं...! और अगर दूर हुए तों मैं महाभारत हों जाऊं....!! read more >>
दीवाने हो जाओगे तुम भी, थोड़ा चखकर देखो तो हाला। वारूणी से हो जाएगा ,सरोकार तुम्हारा, फिर आवाजाही होगी , तेरे यहां मधुशाल� read more >>
कर्म का विधान ऐसा है की हम जैसा करेंगे वसा ही हमे मिलेगा यह बात सच है और इस बात को वही समझ सकता जिसने जीवन को बड़ी बारिकी से समझा है मैने � read more >>
उड़ के हवा क्या फरियाद लाती है, वक्त बेवक्त उसकी याद आती है। वो भूल गए, दिल में बो बबूल गए, किसी और को वो कर कबूल गए। जीने में न वो स्व� read more >>
"मां शारदे" मां शारदे तेरी कृपा चाहती हूं मैं लिखना चाहती हूं शब्दो के भंडार से कुछ शब्द चाहती हूं कलम में वीना की झनकार कविता में ते read more >>
"घर की याद" कितना भी करो आ जाती हैं घर की याद आ ही जाती हैं सुबह नहीं तो शाम को आ जाती हैं घर की याद आ ही जाती हैं घर की नहीं तो घरवालों � read more >>
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