कौआ
एक समय की बात है, पढ़ाई के लिए बाहर दूसरे शहर में किराये का एक नया कमरा लिया है, उस के एक तरफ बालकनी लगी हुई थी। मुझे यहाँ पर सब कुछ बह read more >>
ये दिल में-
उठती-ए-तरंग कभी-कभी,
तेरी याद-
आए-ए-सताए कभी-कभी,
ये तमन्ना-
ए-दिल बस में नहीं कभी-कभी,,
तू चले-
हलचल-ए-लहर सी कभी-कभी।।।।
-मो� read more >>