क्षण भंगूर सा है ये मानुस,
दर्पण की तरह बिखर जाये,
मन मे ले जब दृढ- संकल्प,
हीरे की जैसे निखर जाये,
फिर भी ना जाने मुझे यहाँ,
भांति भांति � read more >>
आज बहुत दिनों बाद मेरी नजर मेरी डायरी पर गई ,तो देखी डायरी पर धूल जम गई थी और मैं जैसे रखकर गई थी आज भी उतने साल बाद वह उसी जगह पर रखी हुई ह� read more >>
कभी - कभी कोई एक शक्स आपकी जिंदगी
को हिला कर रख देता है ,प्यार ना हो उसके
बावजूद उसके बिना कहीं चैन ना आता है ,
अजीब - सा रिश्ता दिल से जु� read more >>
तेरे बिना जी ना सकी
मर कर भी मर ना सकी
भटकती हूं मैं अब देखो
दर - दर कहीं
कैसे कहूं क्या मैं कहूं
बिन कहे भी चुप ना रहूं
सोचती हूं कि आज क read more >>
"कल्पना की हवा-हवाई...
में कहां खो गए हम,
"कल्पना ए-मन की...
हवा-हवाई में खो गए हम,,
"ये तन हीरा मिला कहां...
ये मन के डगर खो गए हम,
"ये मेरा हुआ � read more >>