#बहर:-122 , 122, 122
#काफिया:-ई
#रदीफ़:- कहानी
ग़ज़ल
हमारी अधूरी कहानी,
बनी है गजब ही कहानी.
कहूँ जो इसे तो सुने सब,
सकूं ले करारी कहानी.
हम� read more >>
आज की रात बेखौप रात है,
काली तो है पूर्ण काली रात।
मगर मेरे मन में नव जोश है,
किसी की चेहरा जो सामने है।
बस एक झलक का असर है,
दिलों_दिमाग � read more >>
आज की रात बेखौप रात है,
काली तो है पूर्ण काली रात।
मगर मेरे मन में नव जोश है,
किसी की चेहरा जो सामने है।
बस एक झलक का असर है,
दिलों_दिमाग � read more >>
एक कन चला बनने मन,
उर में ले उमंग।
नीरव, निश्चल, निष्क्रिय,
कभी समीर, कभी नीर संग।
कभी बहता, कभी लुढ़कता,
कभी चलता, कभी उड़ता है।
न कुछ कह� read more >>