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तेरी गीत कैसे गाऊं- ये सुर कहां से लाऊं
तेरी ये- गीत कैसे गाऊं, तेरी ये- सुर कहां से लाऊं, दे-दे सुर- तू कोयल मतवाली... प्रीतम- को प्रीत सुर तुम्हारी....!!!! -मोती
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जो अपने को मानते-उनको दें सम्मान
#विधा:-दोहा छंद #"नमन सृजन समीक्षा मंच" जो अपने को मानते,उनको दें सम्मान। साझा करें विचार को,और बढ़ाएं ज्ञान।। जो अपने को मानते,उस�
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इस दिवाली रोशन हो-दीप ही दीप प्रज्ज्वलित हों
दीप ही दीप प्रज्ज्वलित हों जग में चहुं ओर। हर चेहरे पर खुशी हो, दिल किसी का न दुखी हो। इस दिवाली सबकी जिंदगी रोशन हो ऐसी शुभकामना हर क�
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एक दिन सब बदल जाता है
जरुरत, जरुरत,जरूरत, एक मजबुरी है । औकात के आईने पे जब जमी हो घुल । , देखिए तब तेवर, अपनो के मोल- भाव के बाजार गर्म हो जाएगे , फुर्सत ,कहा
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हृदय में राम-भगवान राम की खोज मणिक में
हृदय में राम भगवान राम की खोज मणिक में क्या बंदर वृत्ति उचित कहना? क्या अंतर्मन में प्यास प्यार, का अनुचित है चरित्र कहना पानी पानी क
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हृदय में राम-भगवान राम की खोज मणिक में
हृदय में राम भगवान राम की खोज मणिक में क्या बंदर वृत्ति उचित कहना? क्या अंतर्मन में प्यास प्यार, का अनुचित है चरित्र कहना पानी पानी क
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हृदय में राम-भगवान राम की खोज मणिक में
हृदय में राम भगवान राम की खोज मणिक में क्या बंदर वृत्ति उचित कहना? क्या अंतर्मन में प्यास प्यार, का अनुचित है चरित्र कहना पानी पानी क
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कमबख्त यह दर्द सत्ता का जोर है
कमबख्त यह दर्द सत्ता का जोर है कि हटता ही नहीं, दर्द है महंगाई का दोर है कटता ही नहीं।। अब तो बात अंत पर आ गई है, दर्द ए महंगाई मेरे सीने प�
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पिता पनहा-खुद जलकर संतान पथ सविता होते हैं
बाहर से जितने, मज़बूत दिखते हैं। अंदर से उतने ही, क़ायल, कमज़ोर होते हैं। एक पैसा नहीं जेब, पैसे -पैसे तक तरसते हैं। संतान की हर ख्वाहि�
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उड़ी उड़ी जाए ये मन मेरा- दिल में समाए जब से तुम पिया
उड़ी-उड़ी- जाए ये मन मेरा, खिल-खिल- जाए ये जो तन मेरा,, ये चित्वन में- तेरी ही पूजा होती पिया, दिल में- समाए जब से तुम पिया!!!! -मोती
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ख़ुद में समाया है तुझे- दोस्त ये दिल कुर्बान तुझ पर
"ख़ुद में समाया है तुझे- क्या ये एहसास है तुझे..!? दोस्त-ये दिल कुर्बान तुझ पर- ख़ुदा से मांगा है तुझे....!!!!" -मोती
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कम तो नही-जो अपने पास लगता हे
हेेे जो अपने पास लगता हे वो कम तो नही। हे जो खुशियाँ कुछ पल की कही वो कम तो नही। दिखता हे जो दूर हमसे कही ये मेरा वहम तो नही। हे आँखों म�
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