तुम्हें चाह कर हम कहां खो गए
बता दो हमें हम कहां खो गए।
ना जागते , न सोते हैं हम
नींदों में भी अब तो रोते हैं हम।
डराती है रातें अंधेरी सी read more >>
मौसम का आज मिजाज बदला है,
जीने का अंदाज बदला है।
फूल से खिले है चारों ओर ऐसे,
दिवाली के दीप हो जैसे।
मौसम का आज मिजाज बदला है,
जीने का अं� read more >>
राह से भटका मुसाफिर सा हो गया हूं , मैं कहीं खो गया हूं
अपनो में ही गुम हो गया हूं, मैं कहीं खो गया हूं
गाड़ी का पांचवा पहिया हो गया हूं , � read more >>