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दिल का भी अजीब फसाना है ए उसके लिए रोना चाहता है जिसकी नजर में आपकी कोई कदर या कोई हेमियत नहीं सिर्फ आपके भोले भाले दिल के साथ खेलना � read more >>
आज दिल का बोझ कुछ कम हो गया ऐसा लगा क्योंकि उन्हें आजाद कर दिया इस बेवजह के रिश्ते से धन्यवाद read more >>
अफसाना इश्क का जिसका अंजाम नजर नहीं आता उसे इक प्यारा सा सपना समझ भूल जाना अच्छा धन्यवाद read more >>
शिकायत ना करते तुमसे कभी तो ए ना समझना कि हमें दर्द होता नहीं रुसवा किया है बेवक्त तूने इसमें तो कोई शक ही नहीं धन्यवाद read more >>
कोई पूछता नहीं हाल दिल मेरा हम भी बताएं किसी को ऐसा कोई ना मिला धन्यवाद read more >>
जिसके मेरे अपना होने के ऐहसास ने मेरी रूह को सुकून से भर दिया था कभी आज वही शख्स मेरी मौत का सामान बन गया मैं देना चाहते था दुनियां की ह read more >>
(दोहा छंद) कागा मोती चुग रहे,साँप बना है दोस्त। समय समय का फेर है,खाते सब हैं गोस्त।। कागा मोती चुग रहे,मैना खाए दाल। चले जमाना भूल में, read more >>
(दोहा छंद) राजनीति में धर्म का,भारी अभी अभाव। लाठी के बल भैंस है,फैली अजब दुराव।। राजनीति में धर्म अब,भारत में है झूठ। कथनी करनी सम नह� read more >>
हर पल तेरी याद आती है , आंखों में वो नमी लाती है कुछ तो समझ तुझे भी आता होगा , क्योंकि ये बेकरारी तुझे भी सताती है यू ही नही नारियल , गुल� read more >>
बहुत बोलने लगा हूं कही तुझे चुबने तो नही लगा हूं ...... इस बेवफा दुनिया में वफा। करने लगा हूं दौड़ती हुई दुनिया के बीच चलने लगा हूं कही � read more >>
हम क्यों बड़े हो गए, जाने अंजाने में कहीं खो गए हम क्यों बड़े हो गए दुनिया की भीड़ में ना जाने कहां खो गए, हम क्यों बड़े हो गए दुनिया की read more >>
तमाम उलझनों को समेटे हम, चल दिए उस रह पर जिसमे ना आगे मंजिल थी, ना रास्ता और ना तू यू तो, खुद के अंजाम से रूबरू थे हम पर कमबख्त, इस दिल को क read more >>
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