दो घूंट पीते रहे जा_ जा कर मैखाने में ,
डूबे रहे सुबह_ शाम साकी और पैमाने में ,
जमा न कर पाई नन्हीं पाई उम्र भर मैने__
सारी जिदंगी गुजार दी च read more >>
तुम आओ या न आओ मेरे पास कोई मलाल नहीं है ,
मेरा समझौता कराने वाला कोई दलाल नहीं है ,
मैं खुद ही काट लूंगा अपनी बची जिंदगानी को__
मेरा तुमसे read more >>