गुजरे उस शाम की तलाश ना थी
जब सिर पापा की गोद में था
हमे लोगो की उम्मीद की चाह ना थी
जब एक उम्मीद पापा की थी
किसी के रूठने से फर्क ही ना � read more >>
ऐ मेरे श्याम किसी को गरीबी ना दे। मौत दे दे मगर बद नसीबी ना दे । बद नसीबी में मां सीता चुराई गई। तीन पाणी अलग-अलग हो गए ऐ। मेरे श्याम किसी read more >>
ऐ मेरे श्याम किसी को गरीबी ना दे। मौत दे दे मगर बद नसीबी ना दे । बद नसीबी में मां सीता चुराई गई। तीन पाणी अलग-अलग हो गए ऐ। मेरे श्याम किसी read more >>