(छंद मुक्त कविता)
आ तुझको तोहफ़ा दूं प्यार भरे गीतों का,
आ तुझको तोहफ़ा दूं मस्ती भरी मितों का।
आ तो सही एक बार आ तो जरा,
फिर फ़ैसला करना � read more >>
चारों और जगत मे,
दिल की ....
नफ़रत का बोल. बाला है।
मे भी तो यहाँ ,
खाके चोट जमाने से तड़ता रहा हूँ ।
ये तो
मुझे मेर...... दोस्तों ने सँभाला ह read more >>