(मुक्तक छंद)
पायल सुर की सुन खनक, आशिक सारे मस्त।
गाते नगमा झूम के, उल्फत होती सख्त।
गोरी लगती अप्सरा, करती है आकर्ष_
उसकी लब जब बोलती, ह� read more >>
यहां मैं आपके लिए वीर रस पर एक गीत लिखता हूँ:
वीर हैं हम, अद्भुत योद्धा,
प्रभु के सैनिक, धर्म का रक्षक।
शूरवीरों का ध्येय, जीवन की विजय,
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