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"जियो तो- जियो देश के नाम पर" "मरो तो- मरो-देश के आन पर" "ईमान मेरा- मेरा धर्म ही है-वतन मेरा"...!!! वंदे मातरम्! वंदे मातरम्! वंदे मातरम्! -म� read more >>
गुस्ताख़ मोहब्बत ( भाग - 003) ________ गांव में पंचायत बैठी हम दोनों को बुलाया गया। गांव के सारे पुरुष बच्चे हम दोनों को घेरकर ऐसे देख रहे थे , म� read more >>
तुमसा हैं कौन यहां ऐसा, हर एक में कमी होती, प्यार निभाना तुमसे सिखा, कहां ऐसा प्यार होता हैं। read more >>
गुस्ताख़ मोहब्बत ( भाग - 002 ) _________________😞 वो अक्सर मेरे घर आ जाया करती थी और मैं उसके आने का बेसब्री से इंतजार करता। सबसे नजरें बचाकर मैं उसे � read more >>
मैं टूटी बिखरी तेरी यादों में, तेरी महोब्बत की मारी हूं, मिलके भी ना मिल पाये, ऐसी किस्मत की मारी हूं। read more >>
जिंदगी के पन्ने, कुछ इस कदर पलट रहे‌ हैं, ठीक से पढ़ा भी नहीं जा रहा, लेख समझे नहीं जा रहे हैं। read more >>
(दोहा छंद) पंकज सम मेरे नयन, लब पर है मुस्कान। दिल में जगमग प्यार है, सभी लोग हैं शान।। (स्वरचित मौलिक) संदीप कुमार सिंह✍🏼 जिला:_समस्तीप read more >>
(दोहा छंद) शुचिता मन में जो रखें, कहते लोग महान। ऐसे जन करते भला,सुरभित करे जहान।। (स्वरचित मौलिक) संदीप कुमार सिंह✍🏼 जिला:_समस्तीपुर(� read more >>
(दोहा छंद) सुनकर मेरे शेर को, दे ताली सब लोग। हसी खुशी में झूमते,कानों से कर भोग।। (स्वरचित मौलिक) संदीप कुमार सिंह✍🏼 जिला:_समस्तीपुर(द� read more >>
(दोहा छंद) अड़चन बिन जिदगी नहीं, करें सामना आप। कामयाब होंगें सदा, मिले नहीं संताप।। (स्वरचित मौलिक) संदीप कुमार सिंह✍🏼 जिला:_समस्तीप� read more >>
(दोहा छंद) सदा लक्ष्य हो प्रगति का,रखता हूं मैं ध्यान। करता अथक प्रयास मैं, बढ़ता मेरा ज्ञान।। (स्वरचित मौलिक) संदीप कुमार सिंह✍🏼 जिल� read more >>
(मुक्तक छंद) कलाकार वो खूब,रहे जिसमें दृढ़ मस्ती। जाऊं उसमें डूब,मगर डूबे मत कस्ती। रखूं जिया में लाज,रहूं दुनिया में मिलके_ संगी दुश� read more >>
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