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धोखों से पाला पड़ा- मजा हुआ नमकीन
(दोहा छंद) धोखों से पाला पड़ा, मजा हुआ नमकीन। अधरों तक ही रह गई,चमचम ख्वाब हसीन।। अधरों तक ही रह गई,सारे नव जज्बात। नित्य सितम से सामन�
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अधरों तक ही रह गई-दिल की वह मधु बात
(दोहा छंद) अधरों तक ही रह गई, दिल की वह मधु बात। करने से पहले वफा, करदी जानम रात।। अधरों तक ही रह गई,हुस्न परी का प्यार। किसी और की हो गई,ह�
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खुद को कर मजबूत तो-सपने हो मंसूब
(दोहा छंद) खुद को कर मजबूत तो,सपने हो मंसूब। मायावी संसार है,और सितम भी खूब।। मायावी संसार है,भाँति भाँति के रूप। माया से दुनिया चले,द�
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सारा जग परिवार है-,देते रहिए सुख्य
(दोहा छंद) सारा जग परिवार है,देते रहिए सुख्य। मायावी संसार है, प्रीत नीति है मुख्य।। मायावी संसार है, और सितम भी खूब। खुद को कर मजबूत त�
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मायावी संसार है-सबका अपना दाम
(दोहा छंद) मायावी संसार है,सबका अपना दाम। खुद को तुम अति योग्य कर,करिए सुंदर काम।। मायावी संसार है,गुर सब ले ले यार। और बता दे ज्ञान से,
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हंसने की अभिलाषा है-एकबार हंसा कर देखो
हंसने की अभिलाषा है एकबार हंसा कर देखो मेरे मोती चुन चुन कर एक बार सजा कर देखो। सुप्त हो गयी लहरें तो जलधि कहां कहलाओगे अपनी लहरों म�
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मैं भूल गयी-उन पन्नों को जिसमें बस दर्द तुम्हारा था
मैं भूल गयी उन पन्नों को जिसमें बस दर्द तुम्हारा था कितना आंखों को धुलती जो हरदम बहती धारा था। जितना मैं स्वर्णिम सुख की आश किया करत
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गुरुपौर्णिमा-गुरू असतात यशाचे शिल्पकार
गुरुपौर्णिमा...🌷💫 🙏गुरू असतात यशाचे शिल्पकार गुरू देतात जीवनाला आकार... पावले असतात दिशाहीन त्याला मार्ग दाखविते बुद्धी गुरुंमु�
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मम गुरु-वदान्य प्रबल दृष्टांत सकल
वदान्य प्रबल दृष्टांत सकल ! एकांत शून्य सा चारु विदल!! मन से निश्च्छल् ध्वनि में तरुदल! वक्तव्य नाद सा करे विकल!! है तीक्ष्ण तेज जैसे �
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बछड़े कि हरकत-आंगन में उछल कूद
शाम का समय है बछड़ा घर से बाहर है।हर जगह खोजें लेकिन कहीं नहीं मिला। घर के सामने लगे निंबु के पेड़ के पास कुछ हिलने कि आवाज सुनाई दी। मा�
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अधिकार के लिए प्रखर होना होगा
(कविता छंद) अधिकार के लिए प्रखर होना होगा, हड़प वाले को जवाब देना होगा। अभी भी वक्त है जागो मेरे दीन, आगे बढ़ो अपनी बातों को रखिए। चुप
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अपने मन को कोसते-उनकी यह है रीति दीनों तक पहुंची नहीं
(दोहा छंद) अपने मन को कोसते,उनकी यह है रीति। दीनों तक पहुंची नहीं, जीवन की सब प्रीति।। दीनोंं तक पहुंची नहीं,सुमन खुशी की आस। दोषी किस�
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