(दोहा छंद)
सब लीला भगवान की,भजन करूं हर रोज।
कण कण में स्थित हरि रहे, अपने दिल में खोज।।
सब लीला भगवान की, सुख दुख इनके देन।
हर बाधा कर सा read more >>
(दोहा छंद)
मन वीणा के तार है, रखूं मध्य में साज।
गीत प्रेम का मैं सुनूं,कायम रहता राज।।
मन वीणा के तार सा, उड़े फिरे यह तेज।
रखता हूं सम्� read more >>
(एक हास्य कहानी)
बहुत पहले की बात है। एक गांव में एक परिवार के यहां सत्य नारायण पूजा का आयोजन रखा गया था। रात में पूजा होनी थी। दूर के दू� read more >>