प्रेम का बीज जैसे दबाया उधर
उनको दुख का समीकरण समझ आ गया।
नेह बन्धन बने, साथ चन्दन बने
मेरे सपने पर दुनिया का मन आ गया।
बात हम भी किये, ब� read more >>
चाह की चाहत-
में डुबे ऐसे अब यह भी
और हर वह की चाह में,,
गुज़र गई उम्र सारी..!!?
हाथ आया-
ना कोई रतन यारों,
चाह ले गई व़क्त सारी,,
चाह के अम� read more >>