माता का वरदान
दुर्गा बनकर आ रही, काली माँ अवतार |
पाठ पढ़ाने प्रेम का, करने भव को पार ||
बस्ती बस्ती अरु गली, मचा एक बस शोर।
दीप जलाने प्र� read more >>
जिसने प्यार को नहीं जाना, वह दुनिया में कुछ भी नहीं जाना; प्यार को अच्छी तरह से जानने के बाद, कुछ बचा ही नहीं रह जाता है जानने को, यानी प्य� read more >>
बहुत हुआ है देर अब,अब तो आंखें खोल।
सूरज लाए दिवस नव,जो है अति अनमोल।।
नित्य बढ़े यह रोग अब, अब तो आंखें खोल।
मानवता पर घात है, हो जाएं स� read more >>