पड़ोसी धर्म....
नमस्ते राजूभाई... सुबह की सैर करने के बाद घर लौट रहे अपनी गली के एक रहने वाले राजूभाई को झाड़ू लगाती हुई सुधा ने कहा ...
नमस� read more >>
जितने पास आने की चाहत रखते थे !!न जाने क्यों ?
उम्र के इस मोड़ पर तुम इतनी दूर!! जाने की चाहत दिखाते हो!!
मुझसे मिलने के कई उपाय ढूंढते!! थे न! read more >>
कुछ चाहते हो !!
जमाने में तो वह।
मिलता ही नहीं ।
न जाने क्यों ?
कभी-कभी लगता है ।।
खुलकर सांस लेने की मुझे।।
इजाजत भी नहीं !!
अगर कुछ किस्� read more >>
इस जीवन में तुम्हारा मिलना भी!!
एक इत्तेफाक ही सही!!
कभी-कभी मैं सोचती हूं !!
न जाने किस जन्म का रिश्ता है!!
एक खूबसूरत ,तुमसे मुलाकात ही स read more >>
जिंदगी को मैंने यूं ही गुजारी है!!
गम से तो रोज ही मुलाकात है?
खुशी से भी कभी-कभी मेरी यारी है!!
कहने को तो यह जिंदगी हमारी है!!
पर मैं खुद read more >>