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हजारों में_लाखों में तेरा जवाब नहीं, बाग में भी ऐसा गुलाब नहीं। क्या रूप है तेरा, रंग सुनहरा, गाल गुलाबी, चाल शराबी। जान_जानू _जानम, आई read more >>
दीनों तक पहुंची नहीं,उनकी जो है चाह। खा जाते हैं बीच में, और दिखाए राह।। दीनों तक पहुंची नहीं, सरकारी सौगात। लोकल नेता खा गए,कहकर झूठी read more >>
तेरी याद आती हैं, हमको सताती हैं, ओये मेरे प्यारे, तेरी याद तड़पाती हैं। read more >>
मासुम सी जिंदगी कली सुकुमारी पिता के गुरूर सिया सुकुमारी चंचल सी मासुम पापा के परी माता की लाडली बहुत ही प्यारी कदम कदम पर चलना बहुत read more >>
परमानंद- जीवन का एक ही किनारा,, अगर वह नहीं है- तो ज़िंदगी भटक रही है....!! -मोती read more >>
मैं को जो व्यक्ति- तुम्हारे में साबित करता है,, उसे रिश्तों की क़दर नहीं- सिर्फ़ अपने स्वार्थ पूर्ति के लिए,, तुम्हें इस्तेमाल करता � read more >>
यूं ना आंँखें तरेरना उसे, कहीं उठ गई नज़र। तुम्हारी आ गई शामत, तू नज़र नहीं आएगा।। -मोती read more >>
कितने मधुर थे समय के पंछी जिनकी अब आवाज नहीं है बिखर गये है सारे सुर अब तानों में साज नहीं है| कुछ खोया है कुछ पाया है कुछ अपने अब साथ न� read more >>
अधिकार के लिए प्रखर होना होगा, हड़प वाले को जवाब देना होगा। अभी भी वक्त है जागो मेरे दीन, आगे बढ़ो अपनी बातों को रखिए। चुप बैठने से ह� read more >>
बात है 90 के दशक की कुछ बाते कुछ यादें जो आपके सामने लिखने जा रहा हूँ जो सच्ची भी हैं और अच्छी भी हैं|........................ read more >>
दीनों तक पहुंची नहीं,उनकी जो है चाह। खा जाते हैं बीच में, और दिखाए राह।। दीनों तक पहुंची नहीं, दिए हुए खैरात। लोकल नेता खा गए, करे रंगी� read more >>
कुछ पल साथ रही फिर साथ छोड़ कर चली गई.... बहते आंखों में वह बस ख़्वाब छोड़ कर चली गई...!! मैं ठहरा रहा उस मोड़ पर उसे देखते हुए बेबस और वह बि� read more >>
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