मेरे हाथों की लकीरें सब सफ़ा हो गई ,
तकदीरें मेरी सब बेवफ़ा हो गई ,
फिर से जगी क़िस्मत तो लकीरें भी आ गईं ___
कुछ दिन ठहरीं फिर सब दफ़ा हो गई read more >>
हमारा दिल तो हर कोई तोड़ देता है ,
कांच का है हर कोई फोड़ देता है ,
नाज़ुक इतना की जैसे मधु_मक्खी का मोम ___
पकड़ कर उसको हर कोई निचोड़ देता read more >>
मैं कागज थीं किसी ने नाम लिख दिया ,
कभी सोचा नहीं किसी ने पैगाम लिख दिया ,
मैं खुशी से तब पागल हुईं बेइंतहा ____
जब उसने अपना घर मेरे नाम लि read more >>
सज धज कर राधा चली, कृष्ण मिलन की प्यास।
लगती सुन्दर गजब की, उनसे ही है आस।।
सज धज कर राधा चली,यमुना तरनी पास।
रखी बसा मन श्याम को, मुरली � read more >>
लगभग सोलह साल का अनीश नाम का एक लड़का साधारण लड़का, बस स्टैंड पर पानी बेचकर अपना गुजारा करता था। एक दिन जब वह पानी बेच रहा था तो बस में बै read more >>
लगभग सोलह साल का अनीश नाम का एक लड़का साधारण लड़का, बस स्टैंड पर पानी बेचकर अपना गुजारा करता था। एक दिन जब वह पानी बेच रहा था तो बस में बै read more >>