न जाने क्यों अब अपनी परिस्थितियों से नाराज हूं मैं !!दिल को क्यों ?यह यकीन हो चुका है !!
अब इन परिस्थितियों से निकलने!! के लिए तैयार हो चुक� read more >>
जीवन का खेल
"निशा बिटिया, जल्दी कर, देर हो रही है। आज दूर जाना है बिटिया, वहां आज ज्यादा कमाई की आस है।"
"हां बापू, आ रही हूं। रस्सी, डंडा, � read more >>
आज मन थोड़ा उदास है,
सुख की लगी थोड़ी सी प्यास है।
ऐसा नहीं कि झोली है खाली,
कुछ और पाने की अभी भी आस है।
भावों के तारों में रिश्ते अभी भी � read more >>