माँ
शाम के साढे़ छह..... पौने सात बजे का समय रहा होगा। एक अनीश नाम का लड़का, दुकान पर आता है, गांव का रहने वाला था, वह चतुर व चालाक था।
उसका ब� read more >>
" लज्जा "
आज समय मे काफी परिवर्तन होने लगा है, पहले औरत की लज्जा को उसका गहना समझा जाता था, पर आज औरत अपने जिस्म की नुमाइश करके पुरुषों से read more >>
सुना है आज मदर्स डे है!
मेरी तो हर सुबह मां ,के नाम से
ही शुरू होती हैl जिन्होंने मुझे, जन्म दिया, जिनकी मैं पहचान हूं,
उनको मैं शब्दों ,म� read more >>