बचपन
"अब साफ़ आया?
नहीं झर झर आ रहा है...
थोड़ा सा और टेढ़ा कर
हाँ हाँ अब ठीक है
आजा अब नीचे...."
हर घर की छत की "एंटीने वाली कहानी" है ये
सारे HD च� read more >>
खता हमारी बस इतनी की हमनें ,
सत्य को सत्य और झूठ को झूठ कहा ।
विफर गये नजाने कितने ही मेरेअपने,
की आखिर किस बिनाह पर मैंने ये सबकुछ कहा ।� read more >>