*अनोखा मिलन*
शरारत की भी सीमा होती है...
पता नहीं कोई हया लिहाज नहीं है इनमें...
तीन वर्षीय अनीश को गोद में उठाए सीमा बड़बड़ाती हुई बालकनी स read more >>
अधरों तक ही रह गई, दिल की वह मधु बात।
करने से पहले वफा, करदी जानम रात।।
अधरों तक ही रह गई,हुस्न परी का प्यार।
किसी और की हो गई,हम से कर तकर read more >>
धीरे धीरे ही सही, आओ मेरे पास।
मुझको बहु दरकार है, पूरी कर दे आस।।
पूरी कर दे आस,खुशी जीवन में भर दे।
पा लूं मंजिल खास,गुनाहों से अब डर दे� read more >>
मेरे मे ना था वो खूबी मुझे सुधार दिया
मेरा ना होकर भी अपनापन जता दिया
ऐ दोस्त टूटे ना ये यारी
ज़ब तक जान मे हो जान
अंतिम सांस तक हो ये यार� read more >>
बेटियाँ...
बाबुल के घर से चली जाती है...
ये बेटियाँ बहुत सताती हैं...
फिर कहाँ लौट करके आती है...
ये बेटियाँ बहुत सताती है...
लोरियां गा के म� read more >>
किसी को पता ही नहीं जाना कहां है और कहां जा रहे हैं... "धरमा"
इतनी भीड़ है शहर में खो जाने का डर लगा रहता है
इसलिए तो मैंने जंजीर बांध ली खु read more >>