एक आजाद पंछी कैद में रहता है अब.....
कभी साखो पर गुनगुनाया करता था गीत बहुत
बेचारा चुप ही रहता है अब.....
घुमा करता था सारी दुनिया जो कभी
बो � read more >>
सच्चे दोस्त...
उन तीनों को होटल में बैठा देख, रमेश हड़बड़ाहट सा गया...
लगभग 22 सालों बाद वे फिर उसके सामने दिखे थे...
शायद अब वो बहुत बड़े औ� read more >>
आगे एक सार्वजनिक पेशाबखाना था, जहां से तेज बदबू आ रही थी । 10 कदम और आगे चलने पर 64 नंबर कोठे के ठीक सामने ‘चाय वाला’ की चाय की खानदानी दुका� read more >>
लगा के तन मन कर रही कीर्तन -
टहनी - टहनी पे नाच कर ;
जग - जीवन में विहंगिनी महान ,
राग - अनुराग में लिप्त ,
भागी तिमिर -
चमक उठी नील गगन -
पुलकि� read more >>
छत्रपति शिवाजी महाराज
(Chhatrapati Shivaji Maharaj)
ये महापुरूष और कोई नहीं बल्कि हिन्दुत्व के महान रक्षक और मुगलों की ईंट से ईंट बजाने वाले शिवाजी उर� read more >>