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मौसम के मिजाज, आज कुछ बदले बदले से लगते हैं...!! जहां धूप की तपिश थी, हर जगह छांव ही छांव दिखते हैं...!!!! अजय आनंद सुल्तानगंज भागलपुर बिहार read more >>
तुम मेरी होती , सोचते हैं हम कभी...!! बहते हुए तेरे नैनों से अश्रु, पोंछ कर दे पाता , तुझे हम खुशी..!!! अजय आनंद, सुल्तानगंज, भागलपुर, बिहार read more >>
कोई हमें अपना सा लगने लगा है..! बिछड़े थे जो पहले ,मिलकर उनसे, सपने रंगीन सजने लगा है..!! कल ही बातें हुई थी हमें उनसे आज महकते फूल मन में ख read more >>
फूंक फूंक कर रखें है कदम फिर भी ठोकरें खाई है हमने..!😊😊 जिंदगी में कब क्या हो जाएं देखा नहीं है किसी ने..!!😊😊😋 अजय आनंद सुल्तानगंज भाग� read more >>
Dil lagana hai to lagao man baap se, Jinhone tumko sajaya Sanskar se. Kitani bhi musibatein jhelani pade tumhare liye unko, Sab kuchh sah lete hain kitne itminaan se. read more >>
Jiske sar per man baap ka hath hota hai Kisse bhi kam mein vah kamyab hota hai Duniya bhi usko khoob man deti hai Bhagwan bhi uska sath deta hai read more >>
यू तो उलझने अच्छी नहीं लगती मुझे.पर मेरे हाथो में तेरे हाथो की बात ही कुछ और है....... read more >>
खास संदेश से भरा है, अपने अंदर स्वयं की निजता में प्रवेश करना यही तो दिव्यज्ञान है -मोती read more >>
स्वयं की सार्थकता- स्वयं की संपूर्णता, अत्यंत शुन्य में अवस्थित है आपका सफर वहां तक हो शुन्य अर्थात शांति में ही, संपूर्णता का बोध अ� read more >>
जब भी मैं- अकेला होता हूं निहायत अकेला। एहसास में- कोई ख़ास तो है अकेला नहीं हूं।। -मोती read more >>
राहो में साथ उन के खड़े होकर हम जीने की वजह ढूढ रहे थे हमे क्या पता था वो मेरे बहाने किसी और को ढूढ रहे थे मेरी मजबूरियों तो उन का एक बहा� read more >>
जो दिख रहा है वो बस अंधेरा तो नहीं है नज़रों से थोड़ा दूर है पर ये नहीं कि सवेरा नहीं है यहां से बहुत आगे तुम्हारा पहला ठहराव होगा जहां � read more >>
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