जीवन चक्र
जीवन के इस जलवान में,
सैलाब दुखों का तो ,
कही सुखों का मेलाब है,
कही है संघर्ष हर क्षण में,
तो कही नियति में विश्राम है,
धन की ल read more >>
माँ
माँ केवल माँं होती है,
झूठ सही सब कुछ सहती है।
पर कभी कुछ ना कहती है,
माँ केवल माँ होती है।
कभी रूठों को मनाती है,
कभी बिछड़ों को मिल� read more >>
चलो आज चलते हैं , सैर करने जादू की दुनिया में..!
पहले पढ़ा करते थे और सुना करते थे कहानियों में..!!
चलो आज चलते हैं , सैर करने जादू की दुनिया � read more >>
आज बहुत दिन के बाद मैं अपने घर लौट कर आई !बहुत खुशी हुई !और हंसते-हंसते दौड़ती हुए मैंने अपने घर का दरवाजा खोला और मैं सोफे पर बैठ गई और जो� read more >>