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कन्या दान,, मदन नाम का एक आदमी अपने परिवार के साथ अपने गाउँ मे रहता था मदन के परिवार मे उसकी माँ, पत्नी और उसकी बेटी रहती थी क्योंकि मद� read more >>
ये शाम... उदास है,तन्हा है। जानती हो क्यों? क्योंकि, तुम नहीं हो। ये शाम.... अजीब है, उत्साहहीन है। रंगहीन और अनुपयोगी है। जानती हो क्यों? read more >>
नारी वह फूल है जो सबको खुशबू देती है, नारी वह प्रकाश है जो सबको रोशनी देती है l नारी एक ऐसी पेड़ है जो सबको छाया देती है, नारी ऐसी फूल है ज read more >>
पीरियडस हर महिलाओं के जिवन का हिस्सा है। आज में पीरियड्स पर सामाजिक सोच के बारे में लिखने जा रही हूँ पीरियडस को लेकर पहले भी और भी पुरा� read more >>
आजादी यह शब्द सुन्ने बहोत अच्छा लगता है। पर आज के समय में इस शब्द का अर्थ गलत ले रहे है। लोग मन में आये जैसा व्यहार कर रहे है। कानून तोड़� read more >>
The health of the country is struggling with the shortage of doctors and medicines. There is only one allopathic doctor available for every 10,000 people and one government hospital for 90,000 people. Innocent and illiterate patients or their relatives are exploited. Most centers are run by unskilled or semi-skilled paramedics and doctors are ra read more >>
सच्चे प्यार को ही प्यार कहते है वरना झूठे प्यार को तो लोग व्यापार कहते है। read more >>
दिल से मत पूछिए की दिल मे कितने अरमान है, आप एक बार कह के तो देखिये आप के लिए हाजिर जान है। read more >>
ਦੇਸ਼ ਦੀ ਸਿਹਤ ਡਾਕਟਰਾਂ ਅਤੇ ਦਵਾਈਆਂ ਦੀ ਕਮੀ ਨਾਲ ਜੂਝ ਰਹੀ ਹੈ। ਇੱਥੇ ਹਰ 10,000 ਲੋਕਾਂ ਲਈ ਸਿਰਫ਼ ਇੱਕ ਐਲੋਪੈਥਿਕ ਡਾਕਟਰ ਉਪਲਬਧ ਹੈ ਅਤੇ 90,000 ਲੋਕਾਂ ਲਈ ਇੱਕ ਸਰਕਾਰ� read more >>
डॉक्टर और दवाइयों की कमी से जूझता देश का स्वास्थ्य प्रत्येक 10,000 लोगों के लिए केवल एक एलोपैथिक डॉक्टर उपलब्ध है और 90,000 लोगों के लिए एक स� read more >>
*बेलगाम शिक्षा व्यवस्था: किताबों में कमीशन का खेल, अभिभावक रहे झेल* स्कूलों की मनमानी, किताबें बनी परेशानी। निजी स्कूल बने किताबों क� read more >>
मेरे अल्फ़ाज़ (सचिन कुमार सोनकर) अभी तो सिर्फ पैरों पर खड़ा हुआ हूँ अभी तो चलना बाकी है। लड़खड़ाते पैरों का संभालना तो अभी बाकी है। कभी गिर read more >>
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