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*प्रेरणास्पद कथाएं..✍🏻*
💐*"संसार और सुख"...*💐
👌प्रस्तुतकर्ता-सपनों का सौदागर....करण सिंह✍🏻*
★★★★★★★★★★★★★★★� read more >>
मानव तन के दो रूप,
प्रथम देह का- अंत।
दूजा है प्राण- अनंत,
पल दो पल का साथ।।
मानव देह गुण अनेक,
स्वयं का ज्ञान मूल।
अंत से अविनाशी तक,
वि� read more >>
एक नजर जो पड़ी उन पर तो ये नजर भी रुक गयी ।
उसने एक बात तलक न बोली पर दिल में डायरी छप गयी।
वो दिखाना चाहते थे हमे अपना गुस्से से लाल चेहरा � read more >>