कविता - ( सरकारी योजना )
मुद्दतों बाद बनी !
बनते ही खोदना !
बाद का काम पहले !
पहले का बाद पर छोड़ना !
फिर नए सिरे से !
उन सड़कों को खोदना !
फिर श� read more >>
सीरत रखिए फूल सी, सबके बनिए खास।
सबके दिल पर राज कर, मंजिल की हो प्यास।
समाज सुधार काम कर, नेकी का कर कर्म।
चाहत को रख नित जवां, मरे नहीं अ read more >>