कविता = ( फेसबुक )
लिखने का शौक़ था !
मुफ़लिसी का दौर था !!
पेट से मजबूर था !
तालीम से दूर था !!
जवानी का खून था !
दिल में जुनून था !!
शौक़ भी रं� read more >>
विध्यार्थी जीवन की सत्यता आज बताते है ।
पढाई के लिए हम घर छोड़ जाते है ।
कल जो नखरे दिखलाते थे वो आज चुप रह जाते है ।
खाते ते जो कल माँ के � read more >>
बात ये चिंता जनक है .......
इस देश में अधिकारी पढ़े लिखे और शिष्ठ है ।
परंतु श्रीमान फिर भी हमारा प्रशासन भ्रष्ट है ।
12 वीं पास संसाद जी कहला� read more >>
रागिनी अपनी सहेली पुष्पा के साथ कॉलेज से लौट रही थी आज उनलोगो का बी.ए फाइनल ईयर का अंतिम परीक्षा था।वे दोनों खुशी - खुशी अपने घर जा रहे थ� read more >>