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इतना कब मैंने मांगा है-हर ख़्वाब मुक्कमल हो आंखों का

ATHARV YADAV 20 Jun 2023 शायरी समाजिक Rohit yadav shyar 42917 0 Hindi :: हिंदी

थोड़ी सी तू मुझे मिल जाएं
ऐ जिंदगी इतना ही बस चाहा है
हर ख़्वाब मुक्कमल हो आंखों का
इतना कब मैंने मांगा है....

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