Mukesh Namdev 18 May 2023 शायरी प्यार-महोब्बत पैरों,पाजेब,मेहंदी,महक़,खनक 30401 0 Hindi :: हिंदी
"पैरों"
"जब-जब तुम अपने पैरों को देखोगी,
तब-तब उन पैरों मे तुम मुझको देखोगी,
वो पाजेब की खनक,वो मेहंदी कि महक़,
जब-जब तुम उसको महसूस करोगी,
तब-तब तुम मुझे अपने पैरों मे देखोगी"
#Mukesh Namdev