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पूर्णमासी का चांद( A2 ) _____ पूर्णमासी का चांद आज देर से निकल रहा था क्योंकि आकाश में काली घटा बिखरे हुए थे , दो दिल आपस में मिलने के लिए लाल� read more >>
जिन हसीनो के यां नखरे उठाए जाते हैं उनकी आंख से खंजर भी चलाए जाते हैं। वागवान ए गुल के मुंह से सुना हमने हर निगाह में उनकी फूल पाए जात� read more >>
ये आँधी,ये तूफान, ये भँवर बवंडर क्या हैं इनका पैगाम, कि मत कर इन बेबस प्रकृति से खिलवाड़, नहीं मानता रे मनुष्य! रहता इनको छेड़ता, फिर क्य read more >>
ये आँधी,ये तूफान, ये भँवर बवंडर क्या हैं इनका पैगाम, कि मत कर इन बेबस प्रकृति से खिलवाड़, नहीं मानता रे मनुष्य! रहता इनको छेड़ता, फिर क्य read more >>
जिसे आप घमंड कहते हो , जनाब उसे हम गुरूर की संज्ञा देते है । प्रेम से समझ लीजिए जनाब , नहीतो हम थप्पड़ से समझा देते है। read more >>
जनाब हमारा मसला ये है। कि जब अकड़ के साथ जिए है । तो मौत भी अकड़ के साथ ही कबूल होगी। read more >>
निर्णय ही, निर्नायक है। इस जीवन मे चंद ही पलों मे , ये जीवन की दिशा बदल देते है। कहीं ख़िताब है। तो .... कहीं मुश्किल मे जीते है। लोग पह� read more >>
इस लेख को जरूर पढ़े आपको जरूर पंसद आयेगा और कृप्या करके मेरे लेख को पढ़े और मुझे बताये कि मेने कहाँ गलती कि है अगर मेरे लेख आपको पंसद आए � read more >>
मेरी हवाई यात्रा उस वक्त 11वीं की परीक्षा दे चुका था। हम लोग अहमदाबाद के विजय नगर कॉलोनी में रहते थे। मैं अहमदाबाद के एक मशहूर ईसाई कॉल� read more >>
VISPOT IN SPACE That day was 18 August 2085. I had to go for research in space. I was very happy. Today my dream was coming true, I was thinking while sitting in the space shuttle, then thunderous applause started coming from outside. And the space shuttle was launched, I was moving towards space very fast. Now I had to go far away, probab read more >>
झिलमिल झिलमिल खल खल करके मैं आई हूं बतलाती है। नाम से है वह नदी सागर की बहन कहलाती है। कोमल शीतल जल है मेरा प्यासों की प्यास बुझाती हू read more >>
जिंदगी की किताब पलटी तो कुछ पन्ने गायब थे , सोंचा जोड़ दूँगा जहाँ के पन्ने रिक्त थे , लेकिन मजबूरी ये थी वो खुशियों गमों के मामलों में सख� read more >>
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