शुक्र है !मैंने तुम पर ऐतबार न की!
समय रहते ही खुद को! संभाल लिया !
जिंदगी तबाह न की !
जिस दिन से तुमको चाहा किसी
और की चाह न की?
न जाने !
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ऐ बसंती पवन तू क्यू बार बार उसकी खुस्बू की बहार लेकर आती है , क्या तुझे पता नहीं है कि अब मै उस खुसबू को भूलने की कोशिश कर रहा हूं , तू क्यू read more >>