कभी-कभी जिंदगी ऐसे मोड़ पर.
लाकर मुझे खड़ा कर देती है!
जहां से मैं मुड़ ,कर पीछे देखना भी नहीं चाहती हूं
मगर वह गुजरा हुआ पल, वह अतीत ,हम� read more >>
आजकल हम बहुत शांत हो गए हैं
पर ऊपर से तो यह शांति सर्वविदित है
पर न जाने क्या मन में बहुत ही हलचल मची हुई है
जिसकी शोर से मैं अपने आप को � read more >>
बार-बार पता नहीं क्यों?
कुछ मैं लिखती हूं. फिर मिटाती हूं .न जाने क्या ?
मन की रहस्य को उजागर करना चाहती हूं "चाहती तो हूं कि लिख दूं 'अपन read more >>
(1) तेरे अहसास की खुशबू रग रग में समाई है,
अब तू ही बता क्या इसकी भी कोई दवाई है।
(2) चाहत बन गए हो तुम,
कि आदत बन गए हो तुम,
हर सांस में यूं आते read more >>