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प्यार-महोब्बत
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प्यार-महोब्बत
Writer by Iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
वफा खत्म कर के वफा ढूंढ रहे है लोग। और इल्जाम मोहब्बत की लगा रखी है।
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Writer by Iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
जिस देश का मीडिया चोर हो उस देश का राजा निकम्मा होता है,और जनता पढ़ा लिखा अनपढ़ गंवार होता है।
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Writer by Iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
केतनो ने देश को आजाद करने में अपना सर कटबा दिया,लेकिन आज का निकम्मा सरकार उपलब्धि देने के बजाए धर्म डिबेट पर भाषण दे रहा है।
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Writer by Iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
सेक्श करने के लिए जात धर्म जरूरी नहीं है लेकिन अगर सादी की बात आ जाए तो लोग धर्म जात कुंडली तक मिलना अनिवार्य हो जाता है।
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Writer by Iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
शोहरत हासिल करने के लिए किसी भी हद तक गिर सकता है इंसान,क्योंकि न किसी को शर्म होती है न हया।।
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Writer by Iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
जब जरूरत हो तो तुम बिस्तर पर भी परे रहोगे तो लोग तुम्हारे नजदीक आ जायेंगे लेकिन जब जरूरत न हो तो मरने के बाद मिट्टी देने के लिए भी ऐलान
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Writer by Iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
मरने के बाद मिट्टी देने के लिए लोगों से ऐलान करवानी पड़ती है,लेकिन मोहब्बत में नाकाम होने पर अपने ही वफा का अकेला ही जनाजा पढ़ना पड़त
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Writer by Iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
रोटी खाने के लिए पैसे नहीं है लोगों के पास लेकिन रोजगार पर भाषण देने के बजाए धर्म का ज्ञान दे रहा है। मीडिया
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Writer by Iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
वे गैरत जैसी मोहब्बत हो गई है तुम्हारी क्योंकि तुमने सुकून छीनकर बेचैनी दे रखी है।
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Writer by Iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
जिंदगी बची रही तो दुबारा मिल ही जायेगी मोहब्बत लेकिन,तुम खत्म हो गए तो किससे मोहब्बत होएगी।
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Writer by Iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
सच बोल बेटा दुनिया ऐसे ही खफा है और ज्यादा खफा हो जायेगी तो क्या फर्क पड़ जायेगा।
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Writer by Iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
मौत सभी को आनी है तुम मानो या न मानो क्योंकि जिंदगी देने बालों ने स्टाम्प लगा रखी है।।
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