ध्वनि:- चिट्ठी ना कोई संदेश
देकर मुझे ऐसा गम, तन्हा रह गये हैं हम।
दिल मेरा तोड चले..............................2
जीने की खाई कसम, साथ देगें हरदम।
मगर मुख read more >>
आज पता चला तू ने क्यों ठुकराया ------💐
हम नहीं थे तेरे काबिल औकात में -----2
रंग - मंच में किरदार निभाते गयेंं -------💐
लूटाते गयें तेरे कदमों तले � read more >>
नसीब ना हुआँ कभी ----
किसी के पहलू में रोने की----2
अगर रोने से गम हल्का होते -----💐
मुझे जी भर के रोने देना -----2
पता नही नज़र किस की लगी प्यार को----💐 read more >>