//...मन का पंछी...//
दिल का भोला,
तन का छोटा
रंगत इसका ,
तितली जैसा है...!
कभी यहां ,
फुदकता रहता
कभी यहां ,
से उड़ जाता है...!
जहां मिला है ,
दान� read more >>
चाँद चांदनी को चाहता है जिस कदर,
उस कदर चाहूँ मैं तुझे।
मेरी एक ख्वाईश है कि बस,
या तू मेरी बन जा या अपना बना ले तू मुझे।
मुझे अच्छी तरह � read more >>