क्यू आज मेरी अधूरी कहानी याद आने लगी है,जिसे मैने दिल से चाहा वही आज फिर सताने लगी है।आज मेरे स्वप्न रूपी मन में क्यू गुण गुनाने लगी है, � read more >>
कविता = ( उदर कुंड )
उदर कुंड में क्यों धधकाई !
भूख की यह प्रचंड ज्वाला !
सब कुछ हुआ सुहा मेरा !
किस -‌ किस का दूं हवाला !
बस कश्मकश रोटी की !
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