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दुःखद
जो कल होगा वो खुद होगा
यूं ही कभी हंसकर गुनगुनाया करो हालात अपने भी हंसकर सुनाया करो गम हो या खुशी दिल में दबाकर क्या होगा हर किसी को नहीं तो किसी को तो सुनाय
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गम दर्द है
गम के आंसू पोछ लो अपने आप को इतना चोट न दो कि दवा लगाने के लिए वक्त ही ना मिले| वहा चलना चाहिए जहां आज के जैसा कल ना मिले|
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ज़िद्दी जिंदगी
रात का कोई ठिकाना नहीं सुबह ठहेरता ही नहीं तपती हुई दोपहरी में खोई है, रास्ता कहीं खामौश हूं आज जिद्द मेरी जिंदगी बनी
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कोई तो जतन हो,
कोई तो जतन हो, प्यार भरा कोई मन हो जो दिल मेरा सभाल सके, जिसे पाकर दिल सभल सके, ऐसा तो कोई सक्स हो ✍✍❤❤❤❤👌🏿👌🏿👌🏿
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प्रेम और नफरत
प्रेम मैं तो सुख और दुख दोनों चीज मिलता है जनाब, लेकिन नफरत मैं सिर्फ दुख मिलता है जनाब!
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गुनाह
जख्मो कि एक शाम, सुबह से ही हो रहे थे, बदनाम । देखा थी सब की नजर मे नफ़रत गुनाह, क्या हुआ, कुछ मालूम नहीं । बस , हर कोई ,हवा सा
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बैचेन है ये मन, पागल...
बैचेन है ये मन, पागल -पागल फिर रहा जीवन तेरी उम्मीदों का दामन थामे, जिन्दा है अब तक हम ✍✍💘💘💘😭😭✍✍
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बेरोजगार आदमी
बेरोजगार आदमी एक शहर में बेरोजगार नाम का व्यक्ति ,अपने परिवार के साथ रहता था. वह प्रतिदिन अपने भाई को ढूंढने के लिए दफ्तरों और बड�
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जिंदगी
छोटी सी जिंदगी दुख ज्यादा, क्यूंकि पाप करने बाला लोक ज्यादा!
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सून ऐ मेरे खूदा
अंधेरों में शाम की तलाश तेरी फिजाओं में गुमसूम सी आवाज तेरी मौजूद है, जिंदगी में सभी कैद हुऐ हम जंजिरो में अरमानों में रोशनी तेरी फि�
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मन के मुलायम
कविता -मन के मुलायम चल कर अपने जीवन पथ पर बदला समाज अपने बल पर निज प्यार लुटाया कर भरकर की राजनीति खूब चढ़ बढ़कर अर्पित है सुम�
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भबिष्य
भबिष्य के बारे मैं जो नहीं सोचता, बो बर्तमान मैं ही रह जाता है, बाद मैं आगे पश्चताप करने के अलाबा उसे कुछ प्राप्त नहीं होता है !
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