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दुःखद
हमदर्द बनने से दर्द कहीं छुप जाता है
कहते है एक दूसरे का हमदर्द बनने से दर्द कहीं छुप जाता है मगर अमीरों की चार दीवारों में सिर्फ मैं होने से हम कहीं गुम हो जाता है और दर्द फ�
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आत्महत्या से पहले रुके-हमारे जिंदगी के तीन रास्ते
रुको ठहरो जिंदगी कहती है हमसे एक मोड़ पर जब सामने आते हैं हमारे जिंदगी के तीन रास्ते, यह तीन रास्ते मौत दर्द भरी जिंदगी और तीसरा जो हमने
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माँ भाग 2
माँ की जगह इस दुनिया में कोई भी नहीं ले सकता माँ का दिल एक विशाल समुद्र की भाती होता है। जिसमे अच्छा बुरा सब अपने अन्दर समा लेने की शक्त�
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क्यों तुझे जिंदगी
क्यों तुझे जिंदगी रहम न आई हम पे ऐसी ठोकर तूने लगाई कि चोट बहुत गहरी खाई हम ने। धन्यवाद
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बड़े - बड़े वादें
कल तक जो मेरे साथ बड़े - बड़े वादें करते थे आज मुंह मोड़ के ऐसे चल दिए जैसे हमें कभी जानते ही नहीं थें। धन्यवाद
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सासे भी रुक के चलती है......
सासे भी रुक के चलती है दिन भी ठहेर कर चलता है जिन्दगी भी खुशियों मोहताज हो गई है ऐसे तुम बिन गुजारा हो गया है ✍✍💘💘💔💔👌🏿👌🏿
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💐कविता💐 👌सन्तोष बेच तृष्णा खरीदी, देखो कितनी मंहगाई है।👍 💐*******प्रस्तुतकर्ता-सपनों का सौदागर.... करण सिंह*👌 *******
***************************************** 💐कविता💐 👌सन्तोष बेच तृष्णा खरीदी, देखो कितनी मंहगाई है।👍 💐प्रस्तुतकर्ता-सपनों का सौदागर.... करण सिंह*👌 ********************************
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हम कलियुग के प्राणी हैं
सतयुग, त्रेता न द्वापर के, हम कलयुग के प्राणी हैं। हम- सा प्राणी हैं किस युग में ? हम अधम देह धारी हैं। हमारा युग तोप-�
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तिनका तिनका
तिनका - तिनका जोड़ के मैंने बनाया था अपना एक घरौंदा एक पल में ही टूट गया कितना कमजोर था मेरा घरौंदा। धन्यवाद
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दूसरों का दर्द समझना
किसी को किसी अपने से दूर ना करना बड़ी तकलीफ होती है, हर किसी का दर्द समझना, दुःख ना देना किसी को, क्योंकि वहां इंसानियत शर्मसार होती है�
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पन्ने पन्ने पर लिखी दासता
पन्ने पन्ने पर लिखी अपनी दास्तां, पर कोई पढ़ ना पाए, चेहरे पर दिखावटी हंसी थी, मन का ग़म कोई देख ना पाये।
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दूसरों का दर्द वही जाने
दूसरों का दर्द वो ही जाने, जिसने कभी चोट हो खाई, या उसमें इंसानियत महफूज़ रहती है, कुछ लोगों को दूसरों का दर्द मजाक लगता है।
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