शाहरी जम्बर 6
अजी जो लोग जादा सोचते हैं। किसी की जिन्द‌गी के बारे मैं अजो जो लोग जांदा सोचते हैं। किसी की जिलड़गी के बारे मैं वो लोग ही � read more >>
शारंगरी, नंम्बर 2
जूलम करते हैं! अपने ही रैहेम तो गेर करते है। और अगर जो अपने तो दिखावटी हमदरद होते हैं! और गेर तो हकिकत के हमदरद होते है! read more >>
रागिनी अपनी सहेली पुष्पा के साथ कॉलेज से लौट रही थी आज उनलोगो का बी.ए फाइनल ईयर का अंतिम परीक्षा था।वे दोनों खुशी - खुशी अपने घर जा रहे थ� read more >>
कभी तो याद आएगी ना तुम्हें मेरी
कैसे भूलोगी वो हमारा साथ
चंद दिन जो गुजारे थे हमने साथ
कैसे भूलोगी वो साथ
कभी तो याद आएगी ना तुम्हे� read more >>
मन था अकेले किसी की याद में, दिल था किसी के गम में, कैसे कन्नहुन की दिलचाह रहा त किसी की ख्वाइश पाए को, आके मेरे दिल को संभालो कन्हैया देर � read more >>