Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें
Mai anjani se ek pedh hu koi phal na mere pass na koi pool ya khusbu mere pass kash ek kawa v aata jo kar kar karke ye ahsas dilata ki mai ek pedh hu kash mera ek sapna pura hota mere par v koi ghosla banata mere pedh ke dhal ko itna hilata ki ye ahsas hota mujhe ki mai v ek pedh hu piyari to na sahi lekin ek pedh hu read more >>
हो जाना न कभी अपने से दूर कभी दूरियां इतनी बढ़ा मत लेना मिल जाना तो कभी लगा लेना गले से मजबुरियां देख लेना क्योंकि अपनों से बड़ा प्यार read more >>
साथ नही देता जब जग, तब आँख में आँसू आते है। रह जाते है ख़्वाब अधूरे, और कुछ न कह पता है। अंदर ही अंदर घुटता है, और खामोश हो जाता है। ट read more >>
कोई वक्ति अपने कार्यों से महान होता हैं अपने जन्म से नहीं 😏😏😏😏😏😏😏😏 read more >>
जिंदगी इतनी नासूर बन जाएगी सोचा न था जिससे दिल लगाई वही मुंह मोड़ जाएगा सोचा न था हमने तो सिर्फ मोहब्बत चाहा वो किसी और को चाहेगा सोचा � read more >>
रेगिस्तान के बालू में तेरी मरीचिका दिख रही क्या बात हो गई मेरी मोहब्बत में की कुर्बत अब दूरियों में तब्दील हो गई। धन्यवाद read more >>
तर्ज=> शीशे का था दिल मेरा हाय,पत्थर का जमाना था दिल टूट गया जिनका हाथ में हाथ था हाय,मुझे कुछ सिखाना था साथ टूट गया! (नाम) तुमने भला ह� read more >>
मै पहाड़ हूं। मै सूरज को देखकर पला बढ़ा हूं मै चांद को देखकर उसी तरह टूट जाता हूं जैसे रात को गुलमोहर अपने फूल छोड़ देते हैं .... ललित read more >>
दिनाक_29-11-2022) शायार लेख-( मोहम्मद फैजान सिद्दीकी पिता- रईस अहमद सिद्दीकी) अरे वा किया जामाना आगया हैं। अरे वा किया जामाना अगया हैं। read more >>
रो रहा है दिल मेरा आंखो से अश्रु की जल धारा बह रही है, देखकर आज गौ-माता की यह हालत मुरली वाले तेरी याद आ रही है, द्रापद में जो तेरी मुरली क� read more >>
दिल दुःख ही रहा जब कान ने यह सुना, आंखो से पानी का झरना बहता रहा, इंसान कैसे इतना राक्षस बन गया, जिसे प्यार करा उसका कत्ल भी कर दिया ।। र� read more >>
शीर्षक - पीड़ा उत्साह की न जाने क्यों? खुशी के वजू, उत्साह को पीड़ा होती है। जब ये निशा रोती है, जब जब वर्षा होती है। न जाने क्यों? कह द� read more >>
Join Us: