अब तो ख़ुशी के नाम पे कुछ भी नहीं रहा
आसूदगी के नाम पे कुछ भी नहीं रहा
सब लोग जी रहे हैं मशीनों के दौर में
अब आदमी के नाम पे कुछ भी नहीं रह� read more >>
...हमेशा एक प्रश्न-
की तरह जिंदा रहता हूं,,
... ख़ुद से-
ख़फ़ा हूं मैं जानता हूं,
अब कभी उत्तर नहीं मिलेगा,,
...दिल में-
रखता हूं.. आपको,
तुम्ह read more >>